नहीं, प्रेगनेंसी (गर्भावस्था) के दौरान सामान्य पीरियड्स नहीं आते हैं।
जब महिला गर्भवती होती है, तो शरीर में हार्मोन (HCG और प्रोजेस्टेरोन) बढ़ते हैं। ये हार्मोन गर्भाशय की परत (Uterine lining) को बनाए रखते हैं ताकि भ्रूण का विकास हो सके, इसलिए यह परत बाहर नहीं निकलती और पीरियड बंद हो जाते हैं।
इस ब्लॉग में जानिए प्रेगनेंसी में पीरियड क्यों आता है जैसा क्यों महसूस हो सकता है, शुरुआती प्रेगनेंसी में ब्लीडिंग के संभावित कारण क्या हैं और किन लक्षणों में तुरंत डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
क्या प्रेगनेंसी में पीरियड आते हैं?
नहीं, प्रेगनेंसी के दौरान सामान्य मासिक धर्म नहीं आता है। गर्भधारण होने के बाद शरीर में होने वाले हार्मोनल बदलाव गर्भाशय की अंदरूनी परत को बनाए रखने में मदद करते हैं, ताकि भ्रूण के विकास के लिए अनुकूल वातावरण बना रहे। इसलिए सामान्य रूप से मासिक धर्म रुक जाता है।
हालांकि, गर्भावस्था के शुरुआती समय में कुछ महिलाओं को हल्का रक्तस्राव या धब्बे जैसी रक्तस्राव की समस्या हो सकती है। इसे सामान्य मासिक धर्म समझ लेना आसान हो सकता है, लेकिन गर्भावस्था के दौरान होने वाला रक्तस्राव मासिक धर्म नहीं होता।
इस लेख में जानिए प्रेगनेंसी में पीरियड क्यों आता है जैसा क्यों महसूस हो सकता है, गर्भावस्था के दौरान रक्तस्राव के संभावित कारण क्या हैं और किन परिस्थितियों में तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।
क्या प्रेगनेंसी में पीरियड आते हैं?
नहीं। गर्भावस्था के दौरान सामान्य मासिक धर्म नहीं आता। सामान्य मासिक चक्र में जब गर्भधारण नहीं होता, तो गर्भाशय की अंदरूनी परत टूटकर रक्तस्राव के रूप में बाहर निकलती है। गर्भधारण होने के बाद हार्मोनल बदलाव इस परत को बनाए रखने में मदद करते हैं।
इसलिए pregnancy me bhi period aata hai kya का जवाब है कि गर्भावस्था में होने वाला रक्तस्राव सामान्य मासिक धर्म नहीं माना जाता।
प्रेगनेंसी में ब्लीडिंग के कारण
यदि गर्भावस्था की पुष्टि हो चुकी है और रक्तस्राव हो रहा है, तो इसके कई संभावित कारण हो सकते हैं। कुछ मामलों में रक्तस्राव हल्का और अस्थायी हो सकता है, जबकि कुछ स्थितियों में चिकित्सकीय जांच जरूरी होती है।
1. गर्भाशय में भ्रूण के स्थापित होने के समय हल्का रक्तस्राव
गर्भावस्था के बहुत शुरुआती चरण में भ्रूण के गर्भाशय की परत में स्थापित होने के आसपास हल्का रक्तस्राव हो सकता है। यह उस समय के आसपास हो सकता है जब मासिक धर्म आने की उम्मीद होती है, इसलिए कुछ महिलाएं इसे पीरियड समझ सकती हैं।
2. गर्भाशय ग्रीवा में बदलाव
गर्भावस्था के दौरान गर्भाशय ग्रीवा में रक्त का प्रवाह बढ़ जाता है। इसके कारण कभी-कभी हल्का रक्तस्राव हो सकता है, विशेष रूप से संभोग के बाद।
3. संक्रमण
योनि या मूत्र मार्ग में संक्रमण भी गर्भावस्था के दौरान रक्तस्राव का एक कारण हो सकता है। इसके साथ जलन, असामान्य स्राव या पेशाब करते समय परेशानी जैसे लक्षण भी हो सकते हैं।
4. गर्भपात
गर्भावस्था के शुरुआती चरण में रक्तस्राव कभी-कभी गर्भपात का संकेत हो सकता है। यदि रक्तस्राव के साथ पेट या श्रोणि में दर्द भी हो, तो चिकित्सकीय जांच कराना जरूरी है।
5. अस्थानिक गर्भावस्था
कभी-कभी निषेचित अंडा गर्भाशय के बाहर, आमतौर पर फैलोपियन ट्यूब में स्थापित हो जाता है। इसे अस्थानिक गर्भावस्था कहा जाता है। इसमें रक्तस्राव के साथ पेट या श्रोणि में दर्द हो सकता है और यह गंभीर स्थिति हो सकती है।
प्रेगनेंसी में होने वाली ब्लीडिंग और पीरियड में अंतर
हर रक्तस्राव को केवल देखकर मासिक धर्म या गर्भावस्था से संबंधित रक्तस्राव के रूप में पहचानना संभव नहीं होता। फिर भी इनके बीच कुछ सामान्य अंतर समझे जा सकते हैं:
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मासिक धर्म |
गर्भावस्था के दौरान रक्तस्राव |
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सामान्य मासिक चक्र का हिस्सा होता है |
गर्भावस्था के दौरान होने वाला रक्तस्राव होता है |
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आमतौर पर चक्र के अनुसार आता है |
गर्भावस्था के दौरान अलग-अलग समय पर हो सकता है |
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रक्तस्राव हल्का या अधिक हो सकता है |
हल्के धब्बों से लेकर अधिक रक्तस्राव तक हो सकता है |
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सामान्य मासिक ऐंठन हो सकती है |
कारण के अनुसार दर्द या ऐंठन हो सकती है |
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गर्भावस्था न होने पर सामान्य रूप से होता है |
गर्भावस्था की पुष्टि होने के बाद भी हो सकता है |
इसलिए केवल रक्तस्राव की मात्रा, रंग या समय के आधार पर इसका कारण तय करना सही नहीं है।
क्या प्रेगनेंसी में पीरियड जैसा दर्द हो सकता है?
हां, गर्भावस्था के शुरुआती चरण में कुछ महिलाओं को हल्की ऐंठन या मासिक धर्म जैसी परेशानी महसूस हो सकती है। हल्की ऐंठन हमेशा किसी गंभीर समस्या का संकेत नहीं होती।
लेकिन यदि दर्द तेज हो, लगातार बढ़ रहा हो या रक्तस्राव के साथ हो, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
विशेष रूप से एक तरफ तेज पेट दर्द, चक्कर, बेहोशी जैसा महसूस होना या कंधे में दर्द होने पर तुरंत चिकित्सकीय सहायता लेनी चाहिए, क्योंकि ये अस्थानिक गर्भावस्था जैसी गंभीर स्थिति के संकेत हो सकते हैं।
प्रेगनेंसी में ब्लीडिंग हो तो क्या करें?
यदि गर्भावस्था की पुष्टि हो चुकी है और रक्तस्राव शुरू हो गया है, तो इसे सामान्य मासिक धर्म मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
आपको:
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रक्तस्राव की मात्रा और रंग पर ध्यान देना चाहिए।
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रक्तस्राव कितने समय से हो रहा है, इसे नोट करना चाहिए।
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पेट दर्द या ऐंठन जैसे अन्य लक्षणों पर ध्यान देना चाहिए।
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अपने स्त्री रोग विशेषज्ञ से सलाह लेनी चाहिए।
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बिना डॉक्टर की सलाह के कोई दवा नहीं लेनी चाहिए।
रक्तस्राव का कारण जानने के लिए डॉक्टर आपकी स्थिति के अनुसार रक्त जांच, गर्भावस्था संबंधी जांच या अल्ट्रासाउंड की सलाह दे सकते हैं।
प्रेगनेंसी में कब तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें?
गर्भावस्था के दौरान रक्तस्राव के साथ निम्न में से कोई लक्षण दिखाई दे तो तुरंत चिकित्सकीय सहायता लें:
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बहुत अधिक रक्तस्राव हो रहा हो।
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रक्तस्राव के कारण पैड जल्दी भर रहा हो।
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तेज या लगातार पेट दर्द हो।
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एक तरफ अधिक दर्द हो।
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कंधे में दर्द हो।
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चक्कर या अत्यधिक कमजोरी महसूस हो।
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बेहोशी जैसा महसूस हो या बेहोशी हो जाए।
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रक्तस्राव के साथ तेज ऐंठन हो।
इन लक्षणों को सामान्य मासिक धर्म समझकर इंतजार करना सुरक्षित नहीं है।
प्रेगनेंसी का पता कैसे लगाएं?
यदि मासिक धर्म रुक गया है और गर्भधारण की संभावना है, तो गर्भावस्था जांच करना शुरुआती स्तर पर गर्भावस्था का पता लगाने का आसान तरीका है। यह जांच शरीर में बनने वाले एचसीजी हार्मोन की मौजूदगी का पता लगाती है।
यदि जांच का परिणाम सकारात्मक आता है और उसके बाद रक्तस्राव होता है, तो डॉक्टर से संपर्क करके इसका कारण जानना जरूरी है। यदि जांच नकारात्मक है लेकिन मासिक धर्म शुरू नहीं हुआ है, तो कुछ समय बाद दोबारा जांच करने या डॉक्टर से सलाह लेने की आवश्यकता हो सकती है।
निष्कर्ष
गर्भावस्था के दौरान सामान्य मासिक धर्म नहीं आता है। हालांकि, शुरुआती गर्भावस्था में हल्का रक्तस्राव हो सकता है, जिसे कभी-कभी पीरियड समझ लिया जाता है। इसके अलग-अलग कारण हो सकते हैं, इसलिए रक्तस्राव को केवल सामान्य पीरियड मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
यदि गर्भावस्था के दौरान रक्तस्राव के साथ तेज पेट दर्द, अधिक रक्तस्राव, चक्कर, कमजोरी या बेहोशी जैसे लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत चिकित्सकीय सहायता लेना जरूरी है।
गर्भावस्था से जुड़ी किसी भी चिंता, असामान्य रक्तस्राव या स्त्री रोग संबंधी समस्या के लिए डॉ. स्मिता जैन, गाज़ियाबाद की सर्वश्रेष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ, से परामर्श लेकर उचित जांच और चिकित्सकीय मार्गदर्शन प्राप्त किया जा सकता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
1. आपको कैसे पता चलेगा कि आपका पीरियड आ रहा है या आप गर्भवती हैं?
पीरियड आने से पहले पेट में ऐंठन, कमर दर्द, स्तनों में संवेदनशीलता और मूड में बदलाव जैसे लक्षण हो सकते हैं। शुरुआती गर्भावस्था में भी कुछ लक्षण मिलते-जुलते हो सकते हैं। इसलिए केवल लक्षणों के आधार पर गर्भावस्था की पुष्टि नहीं की जा सकती। गर्भावस्था की जांच के लिए प्रेगनेंसी टेस्ट अधिक विश्वसनीय तरीका है।
2. प्रेगनेंसी में कितने दिनों तक ब्लीडिंग हो सकती है?
गर्भावस्था के दौरान रक्तस्राव कितने समय तक रहेगा, यह उसके कारण पर निर्भर करता है। हल्के रक्तस्राव की अवधि अलग-अलग हो सकती है। अधिक रक्तस्राव, तेज दर्द या अन्य असामान्य लक्षण होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
3. पीरियड आने पर भी क्या कोई महिला प्रेग्नेंट हो सकती है?
गर्भावस्था के दौरान सामान्य पीरियड नहीं आता। हालांकि, गर्भावस्था में होने वाला रक्तस्राव कभी-कभी पीरियड जैसा लग सकता है। यदि गर्भधारण की संभावना है, तो केवल रक्तस्राव के आधार पर गर्भावस्था को नकारना सही नहीं है।
4. क्या एक महीने की गर्भावस्था में पीरियड आता है?
नहीं, एक महीने की गर्भावस्था में सामान्य पीरियड नहीं आता। हालांकि, शुरुआती गर्भावस्था में रक्तस्राव हो सकता है, जिसके अलग-अलग कारण हो सकते हैं। रक्तस्राव होने पर डॉक्टर से सलाह लेना उचित है।
5. 100% प्रेगनेंसी कन्फर्म कैसे करें?
गर्भावस्था की पुष्टि के लिए प्रेगनेंसी टेस्ट और डॉक्टर द्वारा आवश्यक जांच सबसे विश्वसनीय तरीके हैं। जरूरत पड़ने पर रक्त जांच और अल्ट्रासाउंड के माध्यम से गर्भावस्था की स्थिति की पुष्टि की जा सकती है।
6. प्रेगनेंसी पीरियड कितने दिन का होता है?
गर्भावस्था के दौरान सामान्य मासिक धर्म नहीं होता। इसलिए गर्भावस्था में पीरियड की सामान्य अवधि लागू नहीं होती। यदि गर्भावस्था के दौरान रक्तस्राव हो रहा है, तो उसके कारण की जांच जरूरी है।
7. बिना टेस्ट के मैं प्रेग्नेंट हूं कैसे पता करें?
मासिक धर्म रुकना, मतली, थकान, स्तनों में बदलाव और बार-बार पेशाब आना जैसे लक्षण गर्भावस्था की संभावना का संकेत दे सकते हैं। लेकिन बिना जांच के गर्भावस्था की निश्चित पुष्टि नहीं की जा सकती।
8. Normal period कितने दिन तक लेट हो सकता है?
मासिक चक्र में कुछ दिनों का बदलाव कई महिलाओं में हो सकता है। तनाव, वजन में बदलाव, दिनचर्या में बदलाव और हार्मोनल कारणों से पीरियड देर से आ सकता है। यदि पीरियड लगातार देर से आए या बार-बार अनियमित हो, तो स्त्री रोग विशेषज्ञ से सलाह लेना उचित है।
9. Can pregnancy me period aata hai kya during early pregnancy?
गर्भावस्था के दौरान सामान्य मासिक धर्म नहीं आता। हालांकि, शुरुआती गर्भावस्था में हल्का रक्तस्राव या धब्बे हो सकते हैं, जिन्हें कभी-कभी पीरियड समझ लिया जाता है।
10. Can pregnancy mai period aate hai kya after a positive test?
सकारात्मक गर्भावस्था जांच के बाद होने वाला रक्तस्राव सामान्य पीरियड नहीं माना जाता। इसके कारण को समझने के लिए चिकित्सकीय सलाह लेना उचित है।
11. क्या प्रेगनेंसी में हर बार ब्लीडिंग होने पर गर्भपात होता है?
नहीं। गर्भावस्था के दौरान रक्तस्राव के कई कारण हो सकते हैं और हर रक्तस्राव का मतलब गर्भपात नहीं होता। फिर भी कारण जानने के लिए डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है।
12. क्या प्रेगनेंसी में भूरे रंग का रक्तस्राव हो सकता है?
हां, गर्भावस्था के दौरान रक्तस्राव का रंग लाल, गुलाबी या भूरा हो सकता है। केवल रंग देखकर इसके कारण का पता नहीं लगाया जा सकता।
13. क्या संभोग के बाद प्रेगनेंसी में रक्तस्राव हो सकता है?
हां, गर्भावस्था के दौरान गर्भाशय ग्रीवा में होने वाले बदलावों के कारण संभोग के बाद हल्का रक्तस्राव हो सकता है। फिर भी गर्भावस्था में किसी भी रक्तस्राव के बारे में डॉक्टर से सलाह लेना उचित है।
14. क्या प्रेगनेंसी में पीरियड जैसा दर्द बिना ब्लीडिंग के हो सकता है?
हां, शुरुआती गर्भावस्था में कुछ महिलाओं को मासिक धर्म जैसी हल्की ऐंठन या पेट में खिंचाव महसूस हो सकता है। तेज या बढ़ता हुआ दर्द होने पर चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए।